दीर्घोपयोगी विकास आयोग (CSD)

दीर्घोपयोगी विकास आयोग (CSD)

इसकी स्थापना दिसंबर, 1992 में जनरल एसेंबली रिजॉल्यूशन A/RES/47/191 द्वारा की गई थी। इसे यूएन आर्थिक एवं सामाजिक काउंसिल के कार्यकारी आयोग (ECOSOC) के रूप में स्थापित किया गया था। इसने जून, 1992 में रियो डी जनेरियो में हुए पृथ्वी सम्मेलन अथवा पर्यावरण तथा विकास पर यूएन की कॉन्फ्रेंस में एक ऐतिहासिक वैश्विक समझौता किया था जो एजेंडा 21 के चैप्टर 38 में दी एक संस्तुति को क्रियान्वित करता था।

मिशन

सतत् विकास के लिए बना डिवीजन (Division for sustainable development, DSD) नेतृत्व प्रदान करता है एवं यह यूनाइटेड नेशन्स के सतत् विकास पर बने सिस्टम के भीतर कुशलता का एक अधिकृत स्त्रोत है। यह दीर्घोपयोगी विकास के संयुक्त राष्ट्र आयोग (CSD) के लिए वास्तविक सचिवालय के तौर पर सतत् विकास का प्रचार करता है एवं अंतर्राष्ट्रीय, क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी सहयोग तथा क्षमता निर्माण प्रदान करता है।

लक्ष्य

अंतर्राष्ट्रीय, क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्धारण में सतत् विकास के लिए सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यावरणीय आयामों का समाकलन;
सतत् विकास के लिए एकीकृत एवं व्यापक रूप से भागीदारीपूर्ण प्रयास को बड़े पैमाने पर लागू करना;
जोहान्सबर्ग की क्रियान्वयन योजना के लक्ष्य एवं लक्ष्य क्षेत्र के क्रियान्वयन में भारी प्रगति।

यह कहता है
"कॉन्फ्रेंस का प्रभावशाली अनुसरण करने को सुनिश्चित करने एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग तथा युक्तिमूलक दृष्टिकोण में वृद्धि के लिए, पर्यावरण तथा विकास के मुद्दों को एकीकृत करने के लिए अंतः सरकारी निर्णय निर्धारण क्षमता, तथा राष्ट्रीय, क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तरों पर एजेंडा 21 के क्रियान्वयन की प्रगति की जांच करना, आदि कार्यों के लिए एक उच्च स्तरीय सतत् विकास आयोग का गठन यूएन के चार्टर के अंतर्गत आर्टिकल 68 के अनुसार होना चाहिए।" एजेंडा 21(1) 1992 के शरद काल में हुई जनरल एसेंबली की बैठक जो CSD की स्थापना पर बहस के लिए आयोजित हुई थी, के अनुसारः
आर्थिक एवं सामाजिक काउंसिल (The Economic and Social Council, ECOSOC) से अनुरोध किया गया है कि यह एक उच्च स्तरीय आयोग का गठन कार्यकारी काउंसिल संस्था के रूप में करे।
53 देशों के प्रतिनिधियों को काउंसिल द्वारा तीन साल तक के कार्यकाल के लिए चुना जाएगा।
आयोग वर्ष में एक बार दो या तीन सप्ताह के लिए बैठक करेगा। यह कार्यकारी ECOSOC आयोग है जिसका पूर्णकालिक सचिवालय न्यूयॉर्क में स्थित है।

CSD का मत (रिजॉल्यूशन 1990/207) है:

एजेंडा 21 (पर्यावरण एवं विकास के मुद्दों पर काम करता है) के क्रियान्वयन एवं सरकार, NGO तथा अन्य यूएन संस्थाओं द्वारा निर्धारित पर्यावरण एवं विकास के लक्ष्यों के समाकलन से संबंधित गतिविधियों की प्रगति की निगरानी करना। विकसित देशों द्वारा ओवरसीज विकास सहायता कोष (Overseas Development Aid) के लिए निर्धारित 0.7% GNP के लक्ष्य की प्रगति की निगरानी करना।
जैसा कि एजेंडा 21 में उल्लेखित है, तकनीकों का स्थानांतरण एवं उनकी आर्थिक मदद की पर्याप्तता का पुनरावलोकन करना।
एजेंडा 21 के क्रियान्वयन के संदर्भ में सुयोग्य NGOs द्वारा संबंधित सूचना को प्राप्त करके उसका विश्लेषण करना।
यूएन के ढाँचे के अंतर्गत आने वाले NGO, स्वतंत्र सेक्टरों, एवं अन्य इकाइयों को जो यूएन प्रणाली के बाहर हैं; के साथ वार्तालाप बढ़ाना।
सामान्य सतत् विकास के लिए संस्तुति प्रदान करने का अर्थ है वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति इस प्रकार करना जिससे भविष्य की पीढ़ियों को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने की क्षमता में किसी तरह की रुकावट या गड़बड़ी न हो।
इसे समाज द्वारा बड़े पैमाने पर लिया जाना चाहिए और प्रतिदिन प्रत्येक नागरिक के द्वारा किए जाने वाले विभिन्न पसंदीदा कार्यों के लिए यह एक दिशा निर्देश देने वाला सिद्धान्त होना चाहिए। इसके अलावा बड़े राजनैतिक तथा आर्थिक निर्णयों में भी इसे शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए लोगों की सोच में, आर्थिक तथा सामाजिक संरचना में तथा उत्पादन एवं उपभोग के तरीके में व्यापक परिवर्तन किए जाने चाहिए।

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