विज्ञापन के माध्यम | vigyapan ke madhyam

विज्ञापन के माध्यम

विज्ञापन माध्यम एक ऐसा भौतिक साधन है जिसके द्वारा एक निश्चित संदेश या सूचना को संबंधित ग्राहक, पाठक, दर्शक, श्रोता या राहगीरों तक पहुँचाया जाता है। यह उनके क्रय व्यवहार को प्रभावित करता है।
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विज्ञापन के माध्यम निम्मनलिखित हैं-

विज्ञापन के माध्यम
  • प्रेस विज्ञापन
  • समाचार पत्र
  • पत्रिकाएं
  • जर्नल्स एवं निर्देशिकाएँ
  • बाह्य विज्ञापन
  • पोस्टर्स
  • विज्ञापन बोर्ड
  • यातायात विज्ञापन
  • सैंडविच विज्ञापन
  • आकाश लेखन
  • विद्युत सजावट
  • स्टीकर विज्ञापन
  • डाक द्वारा प्रत्यक्ष विज्ञापन
  • विक्रय पत्र
  • परिपत्र
  • सूची पत्र
  • पुस्तिकाएँ
  • फोल्डर्स एवं पत्रक
  • अभिनव भेंट
  • गृह पत्रिका
  • मनोरंजन विज्ञापन
  • रेडियो
  • टेलीविजन
  • सिनेमा
  • मेले एवं प्रदर्शनियाँ
  • नाटक एवं संगीत कार्यक्रम
  • क्रय केन्द्र विज्ञापन
  • काउंटर सजावट
  • वातायन सजावट
  • लाउड स्पीकर
  • अभिनव विज्ञापन
  • प्रदर्शन
  • डाक तार विभाग
  • कार्यक्रम विज्ञापन
  • इंटरनेट सेवाएँ

प्रेस विज्ञापन

प्रेस विज्ञापन का अर्थ विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं के बारे में समाचार पत्र, पत्रिकाओं या जर्नल्स आदि में जानकारी प्रकाशित करवाने से है जिसे कई व्यक्तियों द्वारा पढ़ा व सुना जाता है। प्रेस विज्ञापन के अंतर्गत निम्नलिखित माध्यम आते हैं

समाचार पत्र
समाचार पत्रों को उनके समाचार मूल्य के कारण खरीदा जाता है। सामाचार पत्र राष्ट्रीय/स्थानीय/दैनिक/साप्ताहिक हो सकते हैं। यह किसी नए उत्पाद तथा वस्तु के मूल्य में छूट के बारे में सूचना देने का अच्छा साधन है। इनका प्रयोग स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर के बाजारों के लिए होता है। समाचार पत्रों में विज्ञापन दो प्रकार से दिया जाता है, पहला वर्गीकृत विज्ञापन जिसमें विज्ञापनों को कुछ वर्गों में बाँट दिया जाता है, जैसे वैवाहिक, टैंडर, नीलामी, आदि। इस प्रकार के विज्ञापनों में शब्दों या पंक्तियों के अनुसार पैसा लिया जाता है। दूसरा साज सज्जा विज्ञापन है जिसे समाचार पत्र के किसी भी पृष्ठ पर दिया जा सकता है तथा इन्हें आकर्षक रंगों, चित्रों, मोटे अक्षरों आदि द्वारा सजाया जाता है। इनका शुल्क पृष्ठ संख्या व विज्ञापन हेतु प्रयुक्त स्थान के अनुसार लिया जाता है।

पत्रिकाएं
पत्रिकाओं का एक पूरे देश में निश्चित बजट सीमा के मूल्य पर चुनिंदा प्रकाशन होता है। इनका प्रकाशन निश्चित अवधि जैसे साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक अथवा वार्षिक होता है। पत्रिकाएं सामान्य एवं विशिष्ट होती हैं। सामान्य पत्रिकाएं परिवार के सभी सदस्यों हेतु होती हैं तथा इनके विषय मिश्रित होते हैं, जैसे साहित्यिक, राजनैतिक, धार्मिक, स्वास्थ्यवर्धक आदि। जबकि विशिष्ट पत्रिकाएं विशिष्ट व्यक्तियों के लिए होती हैं, जैसे व्यवसायिक पत्रिकाएं। इन्हें आराम के वक्त पढ़ा जाता है और पाठक को इनमें जो विज्ञापन दिखते हैं उनका प्रभाव लम्बे समय तक रहता है।

जर्नल्स एवं निर्देशिकाएँ
इनका प्रकाशन विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले व्यक्तियों की सहायता हेतु किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से साइन्स जर्नल्स, मेडिकल जर्नल्स, बैंकिंग, ट्रेड डायरेक्ट्रीज, टेलीफोन डायरेक्ट्रीज आदि आते हैं। यह विस्तृत क्षेत्र, मितव्ययी तथा निश्चित परिणाम देने वाले माध्यम हैं।

बाह्य विज्ञापन

यह विज्ञापन का सबसे पुराना तरीका है जिसका प्रयोग वर्तमान समय में भी होता है। बाहृय विज्ञापन का अर्थ घर के बाहर विज्ञापन प्रदर्शन से है। इन्हें दीवार विज्ञापन भी कहा जाता है क्योंकि चित्र युक्त पोस्टरों को बड़ी-बड़ी दीवारों पर लगाया जाता है या दीवार पर सीधे पेंट कर दिया जाता है या बड़े चित्रों को दीवार पर सीधे चिपका दिया जाता है। ट्राम, बस, रेलगाड़ियों के डिब्बों, ऑटो, रिक्शा आदि के अंदर या बाहर छोटे-छोटे पोस्टर स्टिकर के रूप में लगाए जाते हैं। बाहृय विज्ञापन सुझावात्मक होते हैं और जन सामान्य के उपयोग हेतु वस्तुओं जैसे साबुन, शैम्पू, घरेलू सामान के लिए इनका प्रयोग होता है। इनका उद्देश्य राह चलते व्यक्तियों का ध्यान आकृष्ट करना होता है और इनका त्वरित प्रत्युत्तर भी मिलता है। इस प्रकार के विज्ञापन की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कहाँ लगाया गया है। इन विज्ञापनों को भीड़-भाड़ वाली जगहों जैसे सार्वजनिक चौराहे, बस स्टैंड, मंदिर व धर्मशालाओं के समीप, भीड़ वाली सड़क के किनारे लगाया जाना चाहिए। इन विज्ञापनों में उपयुक्त शीर्षकों तथा नारों का प्रयोग करना चाहिए। इसके अलावा विज्ञापन को प्रभावशाली बनाने हेतु सुंदर लिखावट, रंगों व चित्रों का प्रयोग होना चाहिए। बाहृय विज्ञापन निम्नलिखित प्रकार के होते हैं-

पोस्टर्स
पोस्टर्स के अंतर्गत उन लिखित, मुद्रित या चित्रित विज्ञापनों को सम्मिलित किया जाता है जिन्हें कागजों, कार्डबोर्ड, धातु की प्लेट या लकड़ी की तख्तियों के माध्यम से दीवारों, चौराहों, सड़कों के किनारों, रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों, मीनारों, दुकानों, बसों एवं ट्रेनों के भीतर व बाहर आदि स्थानों पर चिपकाया या लगाया जाता है ताकि राहगीरों का ध्यान स्वतः ही उनकी ओर आकर्षित हो जाए। पोस्टर्स इस तरह के होने चाहिए कि उनको भौतिक रूप से समझाने की आवश्यकता न पड़े। इन्हें भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर लगाना चाहिए तथा इन पर हवा, पानी, प्रकाश आदि बाहृय घटकों का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

विज्ञापन बोर्ड
विज्ञापन बोर्ड भी पोस्टर्स की भाँति सार्वजनिक स्थानों जैसे चौराहे, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, सड़क के किनारे, कार्यालयों, दुकानों आदि पर लगाए जाते हैं। पोस्टर्स की तुलना में यह बड़ी संख्या में नहीं बनवाए जाते तथा यह स्थायी एवं टिकाऊ होते हैं। सामान्यतः यह धातु की चादरों के बने होते हैं जिनके चारों तरफ लकड़ी का फ्रेम लगा होता है। इन्हें मुख्य स्थानों पर एक निश्चित ऊँचाई पर खूटों की सहायता से लगाया जाता है। कभी-कभी इनमें विद्युत प्रकाश भी लगाया जाता है।

यातायात विज्ञापन
इसे गतिमान विज्ञापन भी कहते हैं क्योंकि इन विज्ञापनों में पोस्टरों को यातायात के साधनों जैसे बस, रेल, ऑटो, ट्राम आदि के अंदर या बाहर लगाया जाता है। इनका लाभ यह है कि छोटे से स्थान पर लगे होने के बावजूद यह आकर्षित लगते हैं और आसानी से पढ़े भी जा सकते हैं। इन विज्ञापनों को इस्तेमाल करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रतिदिन लाखों की संख्या में लोग यात्रा हेतु विभिन्न यातायात साधनों का प्रयोग करते हैं और यात्रा के समय उनके पास पर्याप्त समय होता है जिसमें वे इस विज्ञापनों को देखते व पढ़ते हैं।

सैंडविच विज्ञापन
इस विज्ञापन के अंतर्गत एक या एक से अधिक व्यक्तियों को विशिष्ट वेशभूषा में सजाया जाता है तथा उनके हाथ में पोस्टर, बोर्ड आदि पर लिखे विज्ञापन होते हैं या उनके शरीर पर विज्ञापन चिपकाये जाते हैं। यह व्यक्ति गाँवों व शहरों की गलियों और सड़कों पर घमते हैं। ये देखने में सर्कस के जोकर जैसे लगते हैं जिससे लोगों का ध्यान इनकी तरफ आकर्षित हो जाता है।

आकाश लेखन
इस विज्ञापन में हवाई जहाज की सहायता से धुएँ द्वारा आकाश में विज्ञापन लिखा जाता है, अतः इसे धुंआ लेखन भी कहते हैं। कभी-कभी बहुत बड़े आकार के रंग-बिरंगे व विज्ञापन से परिपूर्ण गुब्बारों को आकाश में छोड़ा जाता है जिन्हें लोग देखते हैं और इस तरह संदेश प्रसारित होता है। यह विधि अत्यधिक व्ययपूर्ण मानी जाती है और बहुत कम प्रयोग में लाई जाती है।

विद्युत सजावट
इस विज्ञापन के अंतर्गत विज्ञापन बोर्डों को विद्यत या बिजली के रंगीन बल्बों, ट्यूब लाइटों, जलते-बुझते बल्बों आदि से सजाकर राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया जाता है। इनका प्रयोग प्रायः दीवारों पर किया जाता है। इनमें कम शब्दों का प्रयोग होता है।

स्टीकर विज्ञापन
इस विज्ञापन के अंतर्गत खिलाड़ी अपनी कमीज, टोपी, खेल सामग्री आदि पर उत्पाद के नाम का स्टीकर लगाकर खेलते हैं। इन खिलाड़ियों के खेल को करोड़ों लोग टेलीविजन पर देखते हैं और वस्तु का विज्ञापन भी हो जाता है।

डाक द्वारा प्रत्यक्ष विज्ञापन

इस विधि द्वारा विज्ञापनकर्ता डाक द्वारा ग्राहकों से प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करता है। ग्राहकों को डाक द्वारा विभिन्न विक्रय साहित्य उपलब्ध कराया जाता है। इस विधि में कुछ लोगों को ही प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया जाता है। इस विधि के अंतर्गत ग्राहकों की सूची बनायी जाती है और उन्हें उत्पाद से संबंधित विभिन्न साहित्य डाक द्वारा भेजे जाते हैं। जो ग्राहक बार-बार पत्र भेजने पर भी उत्तर नहीं देते, उनका नाम सूची से हटा दिया जाता है और नए संभावित नाम जोड़ दिए जाते हैं। ग्राहक को डाक द्वारा वस्तु की जानकारी प्राप्त हो जाती है और साथ ही यह विश्वास दिलाया जाता है कि वस्तु पसंद नहीं आने की स्थित में उसे एक निश्चित अवधि में वापस किया जा सकता है। डाक द्वारा विज्ञापन में निम्नलिखित साधनों का प्रयोग किया जाता है

विक्रय पत्र
यह प्रत्येक ग्राहक के पास छपवाकर भेजे जाते हैं जिसमें वस्तुओं के विषय में जानकारी दी जाती है। यह एक व्यवसायिक पत्र की भाँति होता है जिसकी भाषा एवं शैली पृथक होती है।

परिपत्र
ये विक्रय पत्र की भाँति होते हैं परंतु इनकी भाषा एवं विषय सामग्री सामान्य होती है। इन्हें कई ग्राहकों को भेजा जाता है और नई वस्तु के आवागमन, मूल्य परिवर्तन, डिस्काउंट आदि के बारे में जानकारी दी जाती है।

सूची पत्र
सूची पत्र में वस्तुओं के आकार, प्रकार, गुण, किस्म, प्रयोग विधि, मूल्य आदि का संक्षिप्त विवरण दिया जाता है। साथ ही साथ क्रय संबंधी नियम भी दिए जाते हैं।

पुस्तिकाएँ
पुस्तिकाओं के द्वारा संदेशों को प्रभावपूर्ण एवं विस्तृत रूप से भेजा जाता है। पुस्तिकाओं में विज्ञापित वस्तुओं की किस्म, श्रेणी, डिजाइन, मूल्य, उपयोग एवं प्रयोग विधि के बारे में सचित्रात्मक विस्तृत वर्णन होता है जो कि ग्राहक को वस्तु क्रय करने हेतु निर्णय लेने में सहायता प्रदान करता है।

फोल्डर्स एवं पत्रक
यह हैंड बिल्स की तरह होते हैं जिनमें वस्तुओं के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रदान की जाती है। जब इन पत्रकों को मोड़ दिया जाता है तो ये फोल्डर्स कहलाते हैं। यह रंग-बिरंगे होते हैं तथा उच्च श्रेणी के कागजों पर छापे जाते हैं। समाचार पत्र के आकार के फोल्डर्स को ब्रॉड साइड्स कहते हैं।

अभिनव भेंट
इसके अंतर्गत व्यापारी दैनिक प्रयोग की वस्तुएं जैसे कैलेंडर, डायरी, राइटिंग पैड, पैन्सिल व पेन सेट आदि को डाक द्वारा निःशुल्क भेजते हैं। इन पर भेजने वाले का नाम व पता लिखा रहता है जिससे इन वस्तुओं का विज्ञापन हो जाता है।

गृह पत्रिका
बहुत-सी व्यवसायिक कम्पनियाँ अपनी गतिविधियों एवं क्रिया-कलापों को पत्रिकाओं में प्रकाशित कर ग्राहकों को विभिन्न जानकारियाँ प्रदान करती हैं। इन्हें डाक द्वारा ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता है।

मनोरंजन विज्ञापन

इस विधि में मनोरंजन कार्यक्रमों के साथ वस्तुओं एवं सेवाओं का विज्ञापन बहुत प्रभावशाली तरीके से किया जाता है। विज्ञापन की यह प्रक्रिया लोचपूर्ण एवं मितव्ययी है जिसमें एक समय में एक साथ अनेक व्यक्तियों को जानकारी प्रदान की जा सकती है। यह शिक्षात्मक, सूचनात्मक एवं मनोरंजन पूर्ण माध्यम है परंतु यह तरीका ग्राहकों में अधिक विश्वास उत्पन्न नहीं कर पाता क्योंकि एक ही समय में उन्हें अनेक निर्माताओं की वस्तुओं की गुणवत्ता के संबंध में विज्ञापन देखने व सुनने को मिलते हैं जिससे वे भ्रमित हो जाते हैं। मनोरंजन विज्ञापन के अंतर्गत निम्नलिखित साधनों का प्रयोग किया जाता है-

रेडियो
अधिकांश ग्रामीण एवं शहरी जनता के पास रेडियो या ट्रान्जिस्टर पाया जाता है। रेडियो के द्वारा लोगों को देश-विदेश के समाचार, संगीत एवं अन्य शिक्षाप्रद कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के बीच में विज्ञापन संदेश भी प्रसारित किए जाते हैं जो काफी लोकप्रिय और प्रभावी होते हैं। विज्ञापन बहुत ही रोचक, संगीत कथाओं व वार्ताओं से युक्त होते हैं। विज्ञापन का यह माध्यम शहरी एवं ग्रामीण जनता के साथ-साथ अशिक्षित एवं दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए भी उपयुक्त रहता है।

टेलीविजन
आज के युग में टेलीविजन को विज्ञापन प्रसारित करने का सर्वोत्तम माध्यम माना जाता है। टेलीविजन के माध्यम से दर्शकों के सम्मुख शब्दों एवं चित्रों को एक साथ प्रस्तुत किया जाता है। यह संदेशों को अधिक आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाते हैं। टेलीविजन के द्वारा उत्पादों एवं सेवाओं को प्रदर्शन द्वारा दिखाया जा सकता है। टेलीविजन विस्तृत क्षेत्र में विज्ञापन संदेश को जन सामान्य तक पहुँचाता है। परंतु टेलीविजन विज्ञापन का एक महँगा साधन है तथा इसमें विज्ञापन बहुत संक्षिप्त होते हैं।

सिनेमा
सिनेमा मनोरंजन का सर्वाधिक लोकप्रिय एवं सस्ता साधन है। सिनेमा में विज्ञापन फिल्म प्रारंभ होने से पहले या मध्यान्तर में दिखाए जाते हैं। विज्ञापन का यह माध्यम काफी आकर्षक एवं प्रभावशाली होता है क्योंकि संदेश शब्दों एवं चित्रों द्वारा बहुत बड़े पर्दे पर प्रदर्शित किए जाते हैं। इस तरह संदेश काफी लंबे समय तक याद रहते हैं और विज्ञापन को स्मरणकारी बनाते हैं।

मेले एवं प्रदर्शनियाँ
प्राचीनकाल से ही प्रायः तीर्थ स्थानों या बड़े-बड़े नगरों में विशेष तिथि एवं पर्वो पर मेले लगाए जाते हैं जहाँ पर हजारों लोग एकत्रित होते हैं जैसे कुंभ मेला, पुष्कर मेला आदि। मेलों के साथ प्रदर्शनियाँ भी हमारी सांस्कृतिक परम्परा का अभिन्न अंग हैं। इन मेलों एवं प्रदर्शनियों में दैनिक जीवन में काम आने वाली नवीन एवं श्रेष्ठ वस्तुओं का विज्ञापन किया जाता है तथा उनका प्रदर्शन भी किया जाता है। चूंकि मेलों एवं प्रदर्शनियों को देखने के लिए व्यक्ति दूर-दूर से आते हैं इसलिए इनमें वस्तु का विज्ञापन बड़ी आसानी से हो जाता है।

नाटक एवं संगीत कार्यक्रम
ग्रामीण क्षेत्रों में नाटक एवं संगीत कार्यक्रमों द्वारा विज्ञापन प्रस्तुत किया जाता है। निर्माता ग्रामीण क्षेत्रों में नाटक एवं संगीत कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों का मनोरंजन करवाते हैं। इन कार्यक्रमों के मध्य या अंत में वस्तु का विज्ञापन ढोल बजाकर फिल्मी गानों या लोक गीत की तर्ज पर गीत गाकर किया जाता है। कठपुतली कार्यक्रम द्वारा भी वस्तुओं का विज्ञापन किया जाता है। मगर यह माध्यम अधिक लोकप्रिय नहीं है क्योंकि यह आधुनिक युग में सिनेमा एवं रेडियो का स्थान नहीं ले पाया।

क्रय केन्द्र विज्ञापन

विज्ञापन का यह तरीका फुटकर व्यापारियों द्वारा अपनाया जाता है। इसके अंतर्गत फुटकर विक्रेता अपनी दुकान को सजाते हैं और दुकान के चारों ओर विज्ञापनों के बोर्ड लगा देते हैं। क्रय केन्द्र विज्ञापन दो प्रकार के होते हैं-

काउंटर सजावट
इसके अंतर्गत फुटकर व्यापारी दैनिक उपभोग की वस्तुओं को काउंटर पर इस प्रकार सजाकर रखते हैं कि ग्राहकों का ध्यान सहज रूप से उस ओर चला जाता है और उन्हें उनकी आवश्यकताओं का स्मरण हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप वे उन वस्तुओं को क्रय करने हेतु प्रेरित होते हैं।

वातायन सजावट
इस माध्यम के अंतर्गत फुटकर विक्रेता राह चलते व्यक्तियों का ध्यान आकृष्ट करके उन्हें दुकान पर आने के लिए प्रेरित करते हैं। इस हेतु वे छोटे-छोटे मॉडल्स को तरह-तरह के वस्त्र पहनाकर या दुकान के छोटे से हिस्से में प्रदर्शनी लगाकर अथवा वस्तुओं के निकट मूल्य कार्डों को रखकर ग्राहकों को क्रय करने के लिए प्रेरित करते हैं। समय-समय पर वह इन तरीकों में परिवर्तन भी करते हैं।

अन्य साधन

विज्ञापन के अन्य माध्यम निम्नलिखित हैं-

लाउड स्पीकर
इस माध्यम द्वारा व्यापारी साइकिल रिक्शा, तांगा अथवा मोटरगाड़ी में लाउडस्पीकर लगा कर गाँव एवं शहरों के विभिन्न स्थानों में घूमकर-घूमकर अपनी वस्तुओं का प्रचार करते हैं। जनता को आकर्षित करने का यह बहुत सस्ता एवं सरल तरीका है मगर यह माध्यम जनता की शांति भी भंग करता है।

अभिनव विज्ञापन
इस माध्यम के अंतर्गत निर्माता चाबियों के छल्ले, पर्स, बॉलपेन, डायरी, कैलेंडर, पुस्तकें, पेपरवेट, पैन-पैन्सिल स्टैंड आदि पर अपनी वस्तुओं का विज्ञापन अंकित करवाते हैं और उन्हें विशिष्ट अवसरों जैसे दीपावली, दशहरा, क्रिसमस, नव वर्ष आदि पर ग्राहकों को उपहार स्वरूप भेंट करते हैं।

प्रदर्शन
प्रदर्शन द्वारा विज्ञापन करने का उद्देश्य यह है कि यदि किसी वस्तु की प्रयोग विधि बता दी जाए तो दर्शकों पर उसका अच्छा प्रभाव पड़ता है और वो वस्तु क्रय करने हेतु प्रेरित होते हैं। उदाहरण के लिए रंगोली बनाने, चिप्स बनाने, सब्जी छिलने व काटने का विज्ञापन प्रदर्शन द्वारा किया जा सकता है।

डाक तार विभाग
कुछ निर्माता एवं विक्रेता डाक तार विभाग द्वारा विक्रय किए जाने वाले पोस्टकार्डों, अंतर्देशी पत्रों एवं मनीआर्डर पर विज्ञापन अंकित कर अपनी वस्तुओं एवं सेवाओं का प्रचार करते हैं।

कार्यक्रम विज्ञापन
यह विज्ञापन विभिन्न अवसरों जैसे स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, होली, दीपावली, वर्षगाँठ, शाखा के शुभारंभ आदि पर किए जाते हैं।

इंटरनेट सेवाएँ
इसे नेट एडवरटाइजिंग भी कहा जाता है। विज्ञान का यह माध्यम सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों का परिणाम है। यह माध्यम ग्राहक से सीधे संपर्क करता है। साथ ही यह विज्ञापन माध्यम ग्राहकों को ब्रांड्स के प्रति जागरुक करता है तथा विभिन्न ब्रांडों की तुलना करने में सहायता करता है।
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